Human Skeleton, Muscles and Diseases

मानव कंकाल (Human Skeleton)

मानव कंकाल (Human Skeleton) शरीर का संरचनात्मक ढांचा है जो उसे आकार, समर्थन और सुरक्षा प्रदान करता है। यह विभिन्न प्रकार की हड्डियों और जोड़ (ज्वाइंट्स) से बना होता है। एक वयस्क मानव कंकाल में कुल 206 हड्डियाँ होती हैं।

मानव कंकाल के प्रमुख भाग
मानव कंकाल को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है: एक्सियल कंकाल (Axial Skeleton) और एप्पेंडिकुलर कंकाल (Appendicular Skeleton)।

1.एक्सियल कंकाल (Axial Skeleton):

खोपड़ी (Skull): यह मस्तिष्क की सुरक्षा करता है और इसमें 22 हड्डियाँ होती हैं।
रीढ़ की हड्डी (Vertebral Column): यह शरीर के ऊपरी हिस्से का समर्थन करती है और इसमें 33 कशेरुक (vertebrae) होते हैं।
छाती (Thoracic Cage): यह हृदय और फेफड़ों की सुरक्षा करती है और इसमें 12 पसलियाँ (ribs) और स्तर्नम (sternum) होता है।

2.एप्पेंडिकुलर कंकाल (Appendicular Skeleton):

ऊपरी अंग (Upper Limbs): इसमें कंधे, भुजाएं, हाथ और अंगुलियाँ शामिल हैं।
निचले अंग (Lower Limbs): इसमें कूल्हे, पैर, टखने और पंजे शामिल हैं।
मानव कंकाल के प्रमुख कार्य
मानव कंकाल के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य हैं, जैसे:

1.सहारा और आकार (Support and Shape): कंकाल शरीर को सहारा देता है और आकार प्रदान करता है।
2.संरक्षण (Protection): कंकाल महत्वपूर्ण अंगों जैसे मस्तिष्क, हृदय और फेफड़ों की सुरक्षा करता है।
3.गति (Movement): हड्डियाँ और जोड़ शरीर को गति करने में सहायता करते हैं।
4.रक्त कोशिकाओं का उत्पादन (Blood Cell Production): अस्थि मज्जा (bone marrow) रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करता है।
5.खनिज भंडारण (Mineral Storage): हड्डियाँ कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे खनिजों को संग्रहीत करती हैं।

मानव कंकाल की संरचना

1.खोपड़ी (Skull):

क्रेनियम (Cranium): मस्तिष्क की सुरक्षा करता है।
चेहरे की हड्डियाँ (Facial Bones): चेहरे के विभिन्न अंगों का निर्माण करती हैं।

2.रीढ़ की हड्डी (Vertebral Column):

गर्दन की हड्डियाँ (Cervical Vertebrae): 7 हड्डियाँ।
छाती की हड्डियाँ (Thoracic Vertebrae): 12 हड्डियाँ।
कमर की हड्डियाँ (Lumbar Vertebrae): 5 हड्डियाँ।
सैक्रम (Sacrum): 5 जुड़ी हुई हड्डियाँ।
कॉकिक्स (Coccyx): 4 जुड़ी हुई हड्डियाँ।

3.छाती (Thoracic Cage):

पसलियाँ (Ribs): 12 जोड़े।
स्तर्नम (Sternum): छाती की हड्डी।

4.ऊपरी अंग (Upper Limbs):

ह्यूमरस (Humerus): ऊपरी भुजा की हड्डी।
रेडियस और उलना (Radius and Ulna): निचली भुजा की हड्डियाँ।
कार्पल्स (Carpals): कलाई की हड्डियाँ।
मेटाकार्पल्स (Metacarpals): हाथ की हड्डियाँ।
फलेंजस (Phalanges): अंगुलियों की हड्डियाँ।

5.निचले अंग (Lower Limbs):

फीमर (Femur): जांघ की हड्डी।
टिबिया और फिबुला (Tibia and Fibula): पिंडली की हड्डियाँ।
पटेला (Patella): घुटने की हड्डी।
टार्सल्स (Tarsals): टखने की हड्डियाँ।
मेटाटार्सल्स (Metatarsals): पैर की हड्डियाँ।
फलेंजस (Phalanges): पैर की अंगुलियों की हड्डियाँ।

संक्षेप

मानव कंकाल शरीर का संरचनात्मक ढांचा है जो उसे आकार, समर्थन और सुरक्षा प्रदान करता है। यह विभिन्न प्रकार की हड्डियों और जोड़ से बना होता है और इसके प्रमुख कार्यों में सहारा, संरक्षण, गति, रक्त कोशिकाओं का उत्पादन और खनिज भंडारण शामिल हैं। मानव कंकाल को मुख्य रूप से एक्सियल कंकाल और एप्पेंडिकुलर कंकाल में विभाजित किया गया है, जिसमें खोपड़ी, रीढ़ की हड्डी, छाती, ऊपरी अंग और निचले अंग शामिल हैं।

कंकाल तंत्र (Skeletal System)

कंकाल तंत्र (Skeletal System) मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो शरीर को संरचना, समर्थन और सुरक्षा प्रदान करता है। यह हड्डियों, उपास्थियों (cartilages), जोड़ (joints), और लिगामेंट्स (ligaments) से मिलकर बना होता है। वयस्क मानव कंकाल तंत्र में कुल 206 हड्डियाँ होती हैं।

कंकाल तंत्र के प्रमुख भाग

कंकाल तंत्र को दो मुख्य भागों में विभाजित किया जा सकता है:

1.अक्षीय कंकाल (Axial Skeleton)

2.अंगिक कंकाल (Appendicular Skeleton)

3.अक्षीय कंकाल (Axial Skeleton):

a.खोपड़ी (Skull): यह मस्तिष्क और इंद्रियों की सुरक्षा करता है और इसमें 22 हड्डियाँ होती हैं।
b.रीढ़ की हड्डी (Vertebral Column): यह शरीर के ऊपरी हिस्से को समर्थन देती है और इसमें 33 कशेरुक (vertebrae) होते हैं।
c.छाती (Thoracic Cage): यह हृदय और फेफड़ों की सुरक्षा करती है और इसमें 12 पसलियाँ (ribs) और स्तर्नम (sternum) होता है।

4.अंगिक कंकाल (Appendicular Skeleton):

a.ऊपरी अंग (Upper Limbs): इसमें कंधे, भुजाएं, हाथ और अंगुलियाँ शामिल हैं।
b.निचले अंग (Lower Limbs): इसमें कूल्हे, पैर, टखने और पंजे शामिल हैं।

कंकाल तंत्र के कार्य
कंकाल तंत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य हैं, जैसे:

a.सहारा और आकार (Support and Shape): कंकाल तंत्र शरीर को सहारा देता है और उसे आकार प्रदान करता है।
b.संरक्षण (Protection): कंकाल तंत्र महत्वपूर्ण अंगों जैसे मस्तिष्क, हृदय और फेफड़ों की सुरक्षा करता है।
c.गति (Movement): हड्डियाँ और जोड़ मांसपेशियों के साथ मिलकर शरीर को गति करने में सहायता करते हैं।
d.रक्त कोशिकाओं का निर्माण (Blood Cell Production): अस्थि मज्जा (bone marrow) रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है।
e.खनिज भंडारण (Mineral Storage): हड्डियाँ कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे खनिजों को संग्रहीत करती हैं।
f.ऊर्जा भंडारण (Energy Storage): पीले अस्थि मज्जा में वसा का भंडारण होता है।

कंकाल तंत्र की संरचना

1.खोपड़ी (Skull):

a.क्रेनियम (Cranium): मस्तिष्क की सुरक्षा करता है।
b.चेहरे की हड्डियाँ (Facial Bones): चेहरे के विभिन्न अंगों का निर्माण करती हैं।

2.रीढ़ की हड्डी (Vertebral Column):

a.गर्दन की हड्डियाँ (Cervical Vertebrae): 7 हड्डियाँ।
b.छाती की हड्डियाँ (Thoracic Vertebrae): 12 हड्डियाँ।
c.कमर की हड्डियाँ (Lumbar Vertebrae): 5 हड्डियाँ।
d.सैक्रम (Sacrum): 5 जुड़ी हुई हड्डियाँ।
e.कॉकिक्स (Coccyx): 4 जुड़ी हुई हड्डियाँ।

3.छाती (Thoracic Cage):

a.पसलियाँ (Ribs): 12 जोड़े।
b.स्तर्नम (Sternum): छाती की हड्डी।

4.ऊपरी अंग (Upper Limbs):

a.ह्यूमरस (Humerus): ऊपरी भुजा की हड्डी।
b.रेडियस और उलना (Radius and Ulna): निचली भुजा की हड्डियाँ।
c.कार्पल्स (Carpals): कलाई की हड्डियाँ।
d.मेटाकार्पल्स (Metacarpals): हाथ की हड्डियाँ।
e.फलेंजस (Phalanges): अंगुलियों की हड्डियाँ।

5.निचले अंग (Lower Limbs):

a.फीमर (Femur): जांघ की हड्डी।
b.टिबिया और फिबुला (Tibia and Fibula): पिंडली की हड्डियाँ।
c.पटेला (Patella): घुटने की हड्डी।
d.टार्सल्स (Tarsals): टखने की हड्डियाँ।
e.मेटाटार्सल्स (Metatarsals): पैर की हड्डियाँ।
f.फलेंजस (Phalanges): पैर की अंगुलियों की हड्डियाँ।

कंकाल तंत्र की प्रमुख हड्डियाँ

a.कंधे की हड्डी (Clavicle or Collarbone): यह कंधे और छाती को जोड़ती है।
b.स्कैपुला (Scapula or Shoulder Blade): कंधे की हड्डी।
c.ह्यूमरस (Humerus): ऊपरी भुजा की हड्डी।
d.रेडियस (Radius) और उलना (Ulna): निचली भुजा की हड्डियाँ।
e.फीमर (Femur): जांघ की हड्डी।
f.टिबिया (Tibia) और फिबुला (Fibula): पिंडली की हड्डियाँ।
g.पटेला (Patella): घुटने की हड्डी।

संक्षेप

कंकाल तंत्र शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो उसे संरचना, समर्थन और सुरक्षा प्रदान करता है। यह हड्डियों, उपास्थियों, जोड़ और लिगामेंट्स से मिलकर बना होता है और इसके प्रमुख कार्यों में सहारा, संरक्षण, गति, रक्त कोशिकाओं का निर्माण, खनिज भंडारण और ऊर्जा भंडारण शामिल हैं। कंकाल तंत्र को अक्षीय कंकाल और अंगिक कंकाल में विभाजित किया जाता है, जिसमें खोपड़ी, रीढ़ की हड्डी, छाती, ऊपरी अंग और निचले अंग शामिल हैं।

अक्षीय कंकाल (Axial Skeleton)

अक्षीय कंकाल (Axial Skeleton) मानव कंकाल तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर के मध्य रेखा के साथ स्थित होता है। यह मुख्य रूप से सिर, गर्दन और धड़ को संरचना, समर्थन और सुरक्षा प्रदान करता है। अक्षीय कंकाल में कुल 80 हड्डियाँ होती हैं, और इसे तीन मुख्य भागों में विभाजित किया जा सकता है: खोपड़ी (Skull), रीढ़ की हड्डी (Vertebral Column), और छाती (Thoracic Cage)।

अक्षीय कंकाल के मुख्य भाग

1.खोपड़ी (Skull):

-क्रेनियम (Cranium): यह मस्तिष्क की सुरक्षा करता है और इसमें 8 हड्डियाँ होती हैं:
-फ्रंटल (Frontal) हड्डी
-पेराइटल (Parietal) हड्डियाँ (2)
-ऑक्सिपिटल (Occipital) हड्डी
-टेम्पोरल (Temporal) हड्डियाँ (2)
-स्फेनॉइड (Sphenoid) हड्डी
-एथमोइड (Ethmoid) हड्डी
-चेहरे की हड्डियाँ (Facial Bones): यह चेहरे की संरचना का निर्माण करती हैं और इनमें 14 हड्डियाँ होती हैं:
-नासल (Nasal) हड्डियाँ (2)
-मैक्सिला (Maxilla) (2)
-जाइगोमैटिक (Zygomatic) हड्डियाँ (2)
-मांडिबल (Mandible) हड्डी
-लैक्रिमल (Lacrimal) हड्डियाँ (2)
-पैलेटाइन (Palatine) हड्डियाँ (2)
-वॉमर (Vomer) हड्डी
-इन्फीरियर नासल कॉन्का (Inferior Nasal Conchae)

2.रीढ़ की हड्डी (Vertebral Column):

-कशेरुक (Vertebrae): यह हड्डियाँ रीढ़ की स्तंभ का निर्माण करती हैं और कुल 33 कशेरुक होती हैं, जिन्हें पाँच क्षेत्रों में बांटा गया है:
-सर्वाइकल (Cervical) कशेरुक: 7 हड्डियाँ (C1-C7)
-थोरासिक (Thoracic) कशेरुक: 12 हड्डियाँ (T1-T12)
-लम्बर (Lumbar) कशेरुक: 5 हड्डियाँ (L1-L5)
-सैक्रम (Sacrum): 5 जुड़ी हुई हड्डियाँ (S1-S5)
-कॉकिक्स (Coccyx): 4 जुड़ी हुई हड्डियाँ

3.छाती (Thoracic Cage):

-पसलियाँ (Ribs): यह हड्डियाँ हृदय और फेफड़ों की सुरक्षा करती हैं और कुल 24 पसलियाँ होती हैं, जो 12 जोड़े बनाती हैं:
-सच्ची पसलियाँ (True Ribs): पहले 7 जोड़े (1-7)
-झूठी पसलियाँ (False Ribs): अगले 3 जोड़े (8-10)
-फ्लोटिंग पसलियाँ (Floating Ribs): आखिरी 2 जोड़े (11-12)
-स्तर्नम (Sternum): यह छाती के सामने की मध्य रेखा पर स्थित होती है और तीन भागों में बंटी होती है:
-मैन्यूब्रीयम (Manubrium)
-बॉडी (Body)
-जिफॉइड प्रोसेस (Xiphoid Process)

अक्षीय कंकाल के कार्य

अक्षीय कंकाल के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य हैं, जैसे:

संरचना और समर्थन (Structure and Support): यह शरीर को आकार और समर्थन प्रदान करता है, जिससे शरीर खड़ा रह सकता है।
संरक्षण (Protection): यह महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा करता है, जैसे मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, हृदय, और फेफड़े।
गति (Movement): यह मांसपेशियों के जुड़ने और संकुचन के माध्यम से शरीर को गति करने में सहायता करता है।
खनिज भंडारण (Mineral Storage): हड्डियाँ कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे खनिजों का भंडारण करती हैं।

अंगिक कंकाल (Appendicular Skeleton)

अंगिक कंकाल (Appendicular Skeleton) मानव कंकाल तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर के अंगों की गतिविधि और गति को संभव बनाता है। यह कुल 126 हड्डियों से मिलकर बना होता है और इसमें ऊपरी अंग (Upper Limbs) और निचले अंग (Lower Limbs) के अलावा कंधे की पट्टी (Pectoral Girdle) और श्रोणि की पट्टी (Pelvic Girdle) शामिल हैं।

अंगिक कंकाल के प्रमुख भाग

1.कंधे की पट्टी (Pectoral Girdle):

-क्लेविकल (Clavicle): जिसे कॉलरबोन भी कहते हैं, यह कंधे और छाती को जोड़ती है। प्रत्येक तरफ एक क्लेविकल होती है।
-स्कैपुला (Scapula): जिसे शोल्डर ब्लेड भी कहते हैं, यह कंधे की हड्डी होती है। प्रत्येक तरफ एक स्कैपुला होती है।

2.ऊपरी अंग (Upper Limbs):

-ह्यूमरस (Humerus): यह ऊपरी भुजा की हड्डी होती है।
-रेडियस (Radius) और उलना (Ulna): यह निचली भुजा की हड्डियाँ होती हैं। रेडियस बाहरी तरफ और उलना भीतरी तरफ स्थित होती है।
-कार्पल्स (Carpals): यह कलाई की हड्डियाँ होती हैं। कुल 8 कार्पल्स होती हैं।
-मेटाकार्पल्स (Metacarpals): यह हाथ की हड्डियाँ होती हैं। प्रत्येक हाथ में 5 मेटाकार्पल्स होती हैं।
-फलेंजस (Phalanges): यह अंगुलियों की हड्डियाँ होती हैं। प्रत्येक हाथ में कुल 14 फलेंजस होती हैं।

3.श्रोणि की पट्टी (Pelvic Girdle):

-हिप बोन (Hip Bone): जिसे कोक्सल बोन (Coxal Bone) भी कहते हैं, यह श्रोणि क्षेत्र की हड्डी होती है। प्रत्येक तरफ एक हिप बोन होती -है, जो इलियम (Ilium), इस्चियम (Ischium), और प्यूबिस (Pubis) से मिलकर बनी होती है।

4.निचले अंग (Lower Limbs):

-फीमर (Femur): यह जांघ की हड्डी होती है और शरीर की सबसे लंबी और मजबूत हड्डी होती है।
-पटेला (Patella): जिसे नीकैप भी कहते हैं, यह घुटने की हड्डी होती है।
-टिबिया (Tibia) और फिबुला (Fibula): यह पिंडली की हड्डियाँ होती हैं। टिबिया भीतरी तरफ और फिबुला बाहरी तरफ स्थित होती है।
-टार्सल्स (Tarsals): यह टखने की हड्डियाँ होती हैं। कुल 7 टार्सल्स होती हैं।
-मेटाटार्सल्स (Metatarsals): यह पैर की हड्डियाँ होती हैं। प्रत्येक पैर में 5 मेटाटार्सल्स होती हैं।
-फलेंजस (Phalanges): यह पैर की अंगुलियों की हड्डियाँ होती हैं। प्रत्येक पैर में कुल 14 फलेंजस होती हैं।

अंगिक कंकाल के कार्य

अंगिक कंकाल के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य हैं, जैसे:

-गति (Movement): अंगिक कंकाल की हड्डियाँ और जोड़ मांसपेशियों के संकुचन और विस्तार के माध्यम से शरीर के अंगों को गति प्रदान करते हैं।
-समर्थन (Support): यह शरीर के अंगों को सहारा देते हैं और उन्हें उचित स्थिति में बनाए रखते हैं।
-संरक्षण (Protection): यह विभिन्न आंतरिक अंगों की सुरक्षा करते हैं, जैसे हृदय, फेफड़े, और प्रजनन अंग।
-खनिज भंडारण (Mineral Storage): हड्डियाँ कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे खनिजों का भंडारण करती हैं।

आंतरिक कंकाल के जोड़ (Joints of Internal Skeleton)

जोड़ (Joints), जिन्हें संधियाँ (Articulations) भी कहा जाता है, हड्डियों के बीच के कनेक्शन पॉइंट्स होते हैं जो शरीर की गतिशीलता को संभव बनाते हैं। मानव शरीर में विभिन्न प्रकार के जोड़ होते हैं, जो उनकी संरचना और कार्य के आधार पर भिन्न होते हैं।

जोड़ के प्रकार

1.स्थिर जोड़ (Immovable Joints):

-फाइब्रस जोड़ (Fibrous Joints): इन जोड़ में हड्डियाँ फाइब्रस ऊतक से जुड़ी होती हैं और इनमें कोई गति नहीं होती है। उदाहरण: खोपड़ी की हड्डियों के बीच के जोड़।

2.अर्ध-गतिशील जोड़ (Slightly Movable Joints):

-कार्टिलाजिनस जोड़ (Cartilaginous Joints): इन जोड़ में हड्डियाँ उपास्थि (cartilage) से जुड़ी होती हैं और इनमें सीमित गति होती है। उदाहरण: रीढ़ की हड्डियों के बीच के जोड़।

3.गतिशील जोड़ (Freely Movable Joints):

-सिनोवियल जोड़ (Synovial Joints): यह सबसे सामान्य और सबसे गतिशील जोड़ होते हैं। इन जोड़ में हड्डियाँ एक-दूसरे से एक द्रव भरी हुई गुहा (synovial cavity) द्वारा अलग होती हैं। उदाहरण: घुटना, कोहनी, कंधा आदि।

सिनोवियल जोड़ के प्रकार

1.गेंद और सॉकेट जोड़ (Ball and Socket Joints):

-यह जोड़ सबसे अधिक गति प्रदान करते हैं। इनमें एक हड्डी का गोलाकार सिर (ball) दूसरी हड्डी के सॉकेट (socket) में फिट होता है। उदाहरण: कूल्हे और कंधे के जोड़।

2.हिंज जोड़ (Hinge Joints):

-यह जोड़ एक दिशा में मोड़ने और सीधा करने की अनुमति देते हैं। उदाहरण: घुटना, कोहनी, उंगलियाँ।

3.पिवट जोड़ (Pivot Joints):

-यह जोड़ एक हड्डी को दूसरी हड्डी के चारों ओर घुमाने की अनुमति देते हैं। उदाहरण: गर्दन का जोड़ (एटलस और एक्सिस)।

4.सैडल जोड़ (Saddle Joints):

-यह जोड़ थोड़ा घूमने और झुकने की अनुमति देते हैं। उदाहरण: अंगूठे का कार्पोमेटाकार्पल जोड़ (Carpometacarpal Joint)।

5.ग्लाइडिंग जोड़ (Gliding Joints):

-यह जोड़ हड्डियों को एक दूसरे के ऊपर स्लाइड करने की अनुमति देते हैं। उदाहरण: कलाई और टखने के जोड़।

6.कंडायलर जोड़ (Condyloid Joints):

-यह जोड़ ओवल आकार के सिरे और सॉकेट के साथ हड्डियों को जोड़ता है, जिससे वे विभिन्न दिशाओं में गति कर सकते हैं। उदाहरण: कलाई का जोड़।

जोड़ के घटक

-हड्डियाँ (Bones): जोड़ में दो या अधिक हड्डियाँ शामिल होती हैं।
-उपास्थि (Cartilage): यह हड्डियों के सिरों को कवर और कुशन करता है।
-सिनोवियल द्रव (Synovial Fluid): यह जोड़ को चिकनाई प्रदान करता है और घर्षण को कम करता है।
-लिगामेंट्स (Ligaments): यह जोड़ को स्थिर करने के लिए हड्डियों को जोड़ते हैं।
-टेंडन्स (Tendons): यह मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ते हैं और जोड़ को गति देने में मदद करते हैं।
-बर्सा (Bursa): यह द्रव भरी थैली होती है जो घर्षण को कम करती है और जोड़ को चिकनाई प्रदान करती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *